बुधवार, 4 फ़रवरी 2009
ham
कहते हैं की सब अच्छा चल रहा है। लेकिन कईसे, किसी को नहीं मालूम। दंगे हो रहे हैं। बलात्कार हो रहे हैं।
रविवार, 1 फ़रवरी 2009
जीना है जिंदगी
हम सपने बहुत देखते हैं। शायद सभी देखते हैं। पत्रकारिता मे हैं। अचानक नहीं आए आयें। सोच समझ कर आए हैं। लेकिन कभी कभी लगता है की ग़लत पेशे मे आ गये। सपने देखते रहते हैं की समाज बदल देंगे। इस उम्मीद पर जिए जा रहे हैं। अब मन की बात आप तक पहुंचानी है। आप भी हमसे बात करते रहें।
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